Sheetla Saptami 2026: सनातन धर्म के अंदर शीतला सप्तमी का खास महत्व माना गया है। चैत्र के महीने में कृष्ण पक्ष के सप्तमी तिथि को मनाया जाने वाला यह शीतला माता का त्योहार काफी ज्यादा लोकप्रिय है। इस साल शीतला सप्तमी 10 मार्च को मनाए जाने वाली है। इस दिन शीतला माता की पूजा करने पर न सिर्फ बीमारियों से मुक्ति प्राप्त होती है बल्कि घर में सुख समृद्धि भी आती है। शीतला सप्तमी की सबसे खास बात यही है कि इस दिन घर में चूल्हा नहीं जलता है। इसीलिए लोग एक दिन पहले ही बनाया हुआ भजन शीतला माता को अर्पित करते हैं और खुद भी कहते हैं। तो चलिए जानते हैं कि किस भोग से शीतला माता अधिक प्रसन्न होंगी।
मीठे चावल
शीतला सप्तमी के दिन पर अच्छा या फिर शक्कर से बने हुए मीठे चावल का भोग लगाना काफी ज्यादा शुभ माना जाता है। इसको सप्तमी से एक रात पहले ही बना कर रख दिया जाता है और मीठे चावल माता को शीतलता देते हैं। इसके साथ में भक्तों के जीवन में भी मिठास आती है।
दही और राबड़ी
शीतला सप्तमी के दिन पर माता को दही और राबड़ी का भोग लगाना काफी अच्छा माना गया है। मान्यता है कि यह माता को बहुत ज्यादा पसंद है और इसको भोग के तौर पर अर्पित करने से रोग दोष से मुक्ति प्राप्त होती है।
मूंग की दाल
शीतला सप्तमी के दिन पर भीगी हुई मूंग की दाल और बाजार भी माता को अर्पित करना काफी अच्छा माना गया है। अगर इसको भोग के तौर पर अर्पित किया जाए तो माता की पूर्ण कृपा प्राप्त हो जाती है।
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गुलगुले
आटे और गुड़ के बने हुए गुलगुले भी शीतला सप्तमी के दिन प्रसाद के तौर पर बनाए जाते हैं। तेल या फिर घी में तलकर एक दिन पहले इनको रख लिया जाता है। पूजा के समय पर माता के सामने अर्पित करके संतान की लंबी आयु और अच्छी सेहत की कामना होती है।