8th Pay Commission Update: न्यूनतम वेतन 18,000 स्व 69,000 करने की मांग हुई तेज, इंक्रीमेंट बढ़ाने का भी रखा गया प्रस्ताव

8th Pay Commission Update: 8वें वेतन आयोग को लेकर इस समय चर्चा बहुत ही ज्यादा तेज है। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए यह आयोग बहुत ही ज्यादा जरूरी माना जाता है। ऐसा इसीलिए क्योंकि इसी के आधार पर आने वाले सालों की सैलरी और भत्तों में बदलाव होता है। लेकिन हाल ही में कर्मचारी संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने मजबूत तरीके से अपनी बात रखने की कोशिश की। जिसमें न्यूनतम वेतन बढ़ाने से लेकर इंक्रीमेंट और पेंशन तक के कई सारे बड़े मुद्दे भी रखे गए।

खबरों की माने तो नेशनल काउंसिल- ज्वॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के कर्मचारी पक्ष द्वारा 14 अप्रैल को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा गया है। जिसमें कर्मचारियों की मौजूदा जरूरत और बढ़ती हुई महंगाई को ध्यान में रखते हुए कई सारे अहम बदलाव भी सुझाए गए हैं।

न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग

सबसे ज्यादा मांग हो रही है न्यूनतम बेसिक सैलरी को बढ़ाने की। अभी के समय में 7वें वेतन आयोग के जरिए न्यूनतम वेतन 18000 रुपए है। लेकिन कर्मचारी संगठनों द्वारा बताया गया है कि मौजूदा समय में इतने पैसे में परिवार चलाना बहुत ही ज्यादा मुश्किल हो चुका है।

इसी के चलते उन्होंने न्यूनतम वेतन को सीधा 69000 रुपए तक कर देने की मांग रख दी है। साथ ही 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का भी प्रस्ताव जारी किया गया है। जिसके जरिए सैलरी में एक बड़ा उछाल भी देखने के लिए मिल सकता है।

महंगाई के हिसाब से वेतन बढ़ाने की है जरूर

कर्मचारी संगठनों द्वारा कहा गया है कि पिछले कुछ सालों में महंगाई बहुत ही ज्यादा तेजी से बढ़ी। शिक्षा, इलाज, किराया, खाने-पीने की रोजमर्रा जैसी चीजों पर पहले के मुकाबले बहुत ज्यादा खर्च होने लगा है।

इसीलिए ₹18000 की सैलरी अब परिवार की बेसिक जरूरत को पूरा नहीं कर पा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए पांच सदस्यों वाले परिवार के खर्च का आकलन 3.83 फिटमेंट फैक्टर का भी सुझाव दिया गया है।

इंक्रीमेंट को लेकर भी जारी हुआ है प्रस्ताव

बेसिक सैलरी के साथ ही सालाना इंक्रीमेंट को लेकर भी बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। अभी के समय में कर्मचारियों को हर साल 3% की दर से इंक्रीमेंट प्राप्त होता था। लेकिन यूनियनों ने इसको बढ़ाकर 6% करने की मांग रख दी है। अगर इस प्रस्ताव को मान लिया गया तो कर्मचारियों की सैलरी हर साल बहुत ही तेजी से बढ़ेगी और महंगाई का असर कुछ हद तक कम देखने के लिए मिलेगा।

HRA में भी बदलाव की मांग

हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर भी कर्मचारी संगठनों द्वारा नया प्रस्ताव जारी किया गया है और उन्होंने शेरों की कैटेगरी के हिसाब से हाउस रेंट अलाउंस को बढ़ाने की मांग कर दी है। प्रस्ताव की माने तो X कैटेगरी शहरों में 40%, Y कैटेगरी में 35% और Z कैटेगरी में 30% HRA मिलना चाहिए। जिसके जरिए कर्मचारियों को बेहतर आवास सुविधा प्राप्त हो और खासकर निचले स्तर के कर्मचारियों को।

पुरानी पेंशन योजना (OPS) की वापसी को लेकर भी उठी मांग

पेंशन को लेकर भी कर्मचारियों की मांग बहुत ही ज्यादा स्पष्ट है। यूनियन द्वारा पुरानी पेंशन योजना को दोबारा से लागू करने की मांग की गई है। साथ ही सुझाव दिया गया है की पेंशन की राशि को बढ़ाकर कर्मचारियों के अंतिम वेतन का 67% कर दिया जाए और फिलहाल यह सीमा 50% तक की है।

कब से लागू हो सकता है नया वेतन आयोग?

सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए तकरीबन 18 महीने का समय मिलता है। इसीलिए माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशें साल 2026 तक सामने आ सकती हैं। लेकिन सैलरी में बढ़ोतरी और एरियर का फायदा कर्मचारियों को साल 2027 से ही मिलना शुरू होगा।

देश के कई शहरों में हो रही हैं बैठकें

वेतन आयोग की प्रक्रिया के जरिए अलग-अलग शहरों में हिट धारकों के साथ में बैठकों को भी आयोजित किया जा रहा है। दिल्ली, पुणे और देहरादून जैसे शहरों में इन बैठकों का शेड्यूल जारी हो चुका है। जहां पर कर्मचारियों की समस्याओं और सुझावों पर भी चर्चा हो रही है।

मेरा नाम राजकिरण बिश्नोई है। मैं एक प्रोफेशनल न्यूज़ कंटेंट राइटर हूँ। इससे पहले मैं कई जगह पर फ्रीलान्स राइटिंग कर चुका हूँ। लेकिन अभी के वक्त में मैं Ultimas Noticias पर बतौर राइटर काम कर रहा हूँ।

Sharing Is Caring:

Leave a Comment