Vastu Shastra: जब सूर्य उदय होता है तो दिन की शुरुआत होती है लेकिन जब वह ढलता है तो प्रकृति के शांत होने का यह समय माना गया है। मान्यता है कि इस वक्त घर में पॉजिटिविटी आती है। हिंदू धर्म के अनुसार शाम के वक्त को संध्या काल कहा जाता है जो देवताओं की आराधना का वक्त होता है।
कई बार हमारे घर के बड़े लोग हमको शाम को सोने या फिर झाड़ू लगाने से मना कर देते हैं। लेकिन हम लोगों को लगता है कि यह सिर्फ अंधविश्वास है लेकिन आज हम आपको इसके पीछे के गहरे वास्तु शास्त्र और वैज्ञानिक कारण के बारे में बताने वाले हैं।
घर में झाड़ू-पोछा करना
वास्तु शास्त्र की माने तो शाम के वक्त घर की सफाई करने का मतलब है कि आप माता लक्ष्मी को घर से बाहर निकाल रहे हैं। मान्यताओं के अनुसार सूर्यास्त के समय पर माता लक्ष्मी घर में आती हैं और अगर आप इस समय झाड़ू लगाते हैं तो आप खुद ही घर की पॉजिटिविटी और बरकत को बाहर कर देते हैं।
पैसों का लेन-देन
शाम के वक्त किसी को भी उधार नहीं देना चाहिए और किसी से कर्ज भी नहीं लेना चाहिए। दोनों ही बहुत अशुभ माने जाते हैं। मान्यता है कि सूर्यास्त के बाद में धान का आदान प्रदान करने पर लक्ष्मी दूसरे के पास में चली जाती है। आपके घर में आर्थिक संकट भी आ सकता है।
पेड़-पौधों को छूना या पानी देना
मान्यता है कि पौधों के अंदर भी जान होती है और सूर्यास्त के बाद में वह सो जाते हैं। इसीलिए शाम के वक्त उनको छूना या फिर उनके पत्ते तोडना या उनको पानी देना सही नहीं माना गया। ऐसा करने पर वास्तु दोष पैदा हो सकता है।
दही या सफेद चीजों का दान
ज्योतिष शास्त्र की माने तो सूर्यास्त के बाद में दही, दूध या नमक जैसी सफेद चीजों का दान नहीं करना चाहिए। सफेद चीजों का संबंध शुक्र और चंद्रमा से माना जाता है। शाम को इनका दान करने पर सुख समृद्धि घर की कम होने लग जाती है।
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शाम के समय सोना
अगर कोई बीमार है या फिर कोई बुजुर्ग है उसको छोड़कर अगर कोई भी स्वस्थ व्यक्ति शाम के समय सोता है या फिर आलस करता है, तो यह दरिद्रता को आमंत्रण देने जैसा है। यह समय पूजा पाठ का होता है।